ADMIN 05:30:00 AM 01 Jan, 1970

तो मित्रो ये सारी समस्या का मूल कारण है वो है
ठंडा पानी !

तो आप कभी मत पीना है ! आपको अगर पीना है तो आप मिट्टी के घड़े का पानी पिये ! क्योंकि मिट्टी के घड़े मे रखे पानी को आप जब भी चैक करेंगे उसका तापमान 36 डिग्री 35 डिग्री 33 डिग्री के आस पास होगा ! और जैसा हमने ऊपर बताया आपके शरीर का तापमान है 37 डिग्री तो घड़े का पानी का तापमान और आपके शरीर का तापमान लगभाग बराबर बैठता है ! इसलिए सदियो पहले हमारे आयुर्वेद मे कहा गया घड़े का पानी अच्छा ! इसलिए हमारे देश मे सदियो से लोग मिट्टी के घड़े का पानी पीते आए !

मित्रो छोड़िए इन सब बातों को मूल बात ये है मिट्टी का घड़ा इस देश मे करोड़ो गरीब कुम्हारों द्वारा बनाया जाता है ! लेकिन जबसे प्रेशर कुकर , पलास्टिक की बोतले ,थर्माकोल के गिलास आदि आने शुरू हुये है देश के करोड़ो गरीब कुम्हारों का रोजगार छिन गया है ! बेचारा गरीब कुम्हार मिट्टी के दीपक भी नहीं बेच पता क्योंकि हम सब दीवाली के त्योहारो पर चीनी लाईट खरीदकर पहले लक्ष्मी चीन को दे देते है और दीवाली की रात पुजा करते है की लक्ष्मी हमारे घर आए !!

मित्रो आप सब अगर दुबारा से घड़े का पानी पीना शुरू करेंगे तो गरीब कुम्हारों का घड़ा बिकेगा ! फ्रिज का ठंडा पानी नहीं पिएंगे तो आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा गरीब कुम्हारों को रोजगार मिलेगा !! सरकार के भरोसों इस देश की किसी भी समस्या का समाधान नहीं होने वाला !लेकिन इस देश की जनता अपने सतर पर बहुत सी समस्याओ का समाधान कर सकती है !! आओ हम सब मिलकर गरीब कुम्हारों के sale promoter बन जाए !

और इस पोस्ट अधिक से अधिक को share कर उनका माल बिकवाएं !

पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद !

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